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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिद्धू की पत्नी ने फिर कहा, हम नहीं लड़ेंगे भाजपा से चुनाव

By Mahesh JoshiEdited By:
Updated: Fri, 26 Feb 2016 05:07 PM (IST)

मुख्य संसदीय सचिव डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने एक बार फिर भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि शिअद-भाजपा गठबंधन ने अगर मिलकर पंजाब में विधानसभा चुनाव लड़ा तो वह भाजपा टिकट पर चुनाव नहीं लड़ेंगी।

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जागरण संवाददाता, अमृतसर। भाजपा नेत्री और पंजाब की मुख्य संसदीय सचिव डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने एक बार फिर कहा कि शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन ने अगर मिलकर पंजाब में विधानसभा चुनाव लड़ा तो वह भाजपा टिकट पर चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने दावा किया कि इस बात का समर्थन उनके पति पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू भी कर रहे हैं। वह किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी, यह अभी तय नहीं है। छह महीने बाद वह अपने पत्ते खोल देंगी।

दंगा पीड़ितों के लिए दिए गए 440 करोड़ रुपये हड़पे

नवजोत कौर सिद्धू ने दावा किया है कि वर्ष 2006 में केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली दंगा पीड़ित परिवारों के लिए भेजी गई 440 करोड़ रुपये की राशि के आवंटन में घोटाला हुआ है। इस राशि के आवंटन के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने 2007 में कमेटी गठित की थी, जिसमें लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर, एसडीएम के साथ वरिष्ठ अकाली नेता सुरजीत सिंह ढुंगरी थे।

डॉ. सिद्धू ने कहा कि ढुंगरी ने 22 हजार परिवारों में प्रति परिवार दो लाख रुपये राशि बांटने में बड़ा घोटाला किया। कुछ ही परिवारों को सहायता दी। जिन लोगों को सहायता दी गई उनसे भी एक-एक लाख रुपये कमिशन लिया। जिन्होंने कमिशन देने से इन्कार कर दिया उनके रेड कार्ड रद करवा दिए। 2011 में विजिलेंस ने इस मामले में 100 करोड़ रुपये की राशि का घोटाला होने की रिपोर्ट सौंपी थी, जिसे मुख्यमंत्री ने दबाया हुआ है।

डॉ. सिद्धू ने कहा कि अकाली नेता ढुंगरी ने दिल्ली दंगों के प्रभावित परिवारों के लिए लुधियाना में 500 से अधिक फ्लैट बनवाए, जिन पर आज तक कब्जा किया हुआ है। सारा रिकॉर्ड लुधियाना के एसडीएम के पास है।

डीएसजीपीसी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके अकाली दल को भाजपा से राजनीतिक संबंध तोड़ने की बयानबाजी कर रहे हैं। क्या वह उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को इस पूरे मामले की जांच सीबीआइ से करवाने की बात कहेंगे। डॉ. सिद्धू ने कहा कि वह प्रधानमंत्री से मिलकर दस्तावेजों सहित इस घोटाले की जांच कैग व सीबीआइ से करवाने की मांग करेंगी।